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Ṭāigara Hila kā hīro : Paramavīra Cakra vijetā kī ātmakathā

टाइगर हिल का हीरो : परमवीर चक्र विजेता की आत्मकथाYadav, Yogendra Singh, 1980-यादव, योगेंद्र सिंह, 1980-2023
Book
Autobiography of an Indian army officer.3 जुलाई, 1999 की रात, मात्र 19 साल के योगेंद्र सिंह यादव को 18 ग्रेनेडियर्स की 'घातक प्लाटून' के साथ एक बेहद महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यह जिम्मेदारी अभेद्य टाइगर हिल पर कब्ज़ा जमाने की थी। तोलोलिंग हिल पर कब्ज़ा हो जाने से उत्साहित यूनिट का जोश हाई था, लेकिन उसने भारी नुकसान भी झेला था। दुर्गम इलाके, जमा देनेवाली सर्दी और दुश्मन की भयंकर गोलाबारी का सामना करते हुए, 'घातक प्लाटून' में सबसे पहले वही चोटी पर पहुँचे थे। भले ही कई गोलियाँ और ग्रेनेड के टुकड़े उनके शरीर को भेद चुके थे, फिर भी उन्होंने दुश्मन के बंकरों पर धावा बोला और रेजिमेंट के लिए रास्ता साफ किया, ताकि वे टाइगर हिल की ऊँची चोटियों पर फिर से कब्ज़ा जमा सकें।-----https://www.amazon.com/
Main title:
Ṭāigara Hila kā hīro : Paramavīra Cakra vijetā kī ātmakathā / Sūbedāra Mejara (Mānada Kaipṭana) Yogendra Siṃha Yādava = Tiger Hill ka hero / by Subedar Major (Hony. Capt.) Yogendra Singh Yadav.टाइगर हिल का हीरो : परमवीर चक्र विजेता की आत्मकथा / सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) योगेंद्र सिंह यादव = Tiger Hill ka hero / by Subedar Major (Hony. Capt.) Yogendra Singh Yadav.
Edition:
Saṃskaraṇa prathama.संस्करण प्रथम.
Imprint:
Naī Dillī : Prabhāta Peparabaiksa, 2023.नई दिल्ली : प्रभात पेपरबैक्स, 2023.
Collation:
198 pages, 4 unnumbered pages of plates : illustrations (colour) ; 22 cm
Notes:
Also available as an e-book.In Hindi.
ISBN:
9789355213259 ((paperback))
Dewey class:
355.0092
LC class:
U55.Y33
Language:
Hindi
BRN:
469370
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