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Eka ṭukaṛā rośanī

एक टुकड़ा रोशनीSiṃha, Kīrti Kumāraसिंह, कीर्ति कुमार2023
Book
"एक टुकड़ा रोशनी कीर्तिकुमार सिंह एक सिद्धहस्त कथाकार हैं। एक टुकड़ा रोशनी उनका श्रेष्ठ लघुकथा-संग्रह है। इससे पूर्व अधूरी दास्तान में ग़ाज़ीपुर निवास के दौरान लिखी गयी उनकी लघुकथाएँ चर्चा में रहीं । कीर्तिजी की मान्यता है कि स्थान और माहौल का उसके रचनाकार पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। अपने इस लघुकथा-संग्रह में लेखक ने इलाहाबाद प्रवास की रचनाएँ दी हैं। इनमें परिवेश भले ही बदला हो, किन्तु लेखक में मौजूद खिलन्दड़ापन जब-तब सिर उठाता नज़र आता है। इन लघुकथाओं की विशेषता यह है कि ये अपने ऊपरी स्वरूप में पहले पाठक को आकर्षित करती हैं और फिर उसे एक विशेष विचार-प्रक्रिया का हिस्सा बना देती हैं। यक़ीन मानिए, आप इन्हें मज़ा लेने भर के लिए नहीं पढ़ सकते क्योंकि मूलतः लेखक का नाता दर्शन से है।--https://www.amazon.com/
Main title:
Eka ṭukaṛā rośanī / Kīrtikumāra Siṃha = Ek tukda roshni / by Kirti Kumar Singh.एक टुकड़ा रोशनी / कीर्तिकुमार सिंह = Ek tukda roshni / by Kirti Kumar Singh.
Edition:
Prathama saṃskaraṇa.प्रथम संस्करण.
Imprint:
Nayī Dillī : Vāṇī Prakāśana, 2023.नयी दिल्ली : वाणी प्रकाशन, 2023.
Collation:
118 pages ; 22 cm
Variant title:
Other title information from cover: Laghukathāem̐
Notes:
Short stories.Also available as an e-book.In Hindi.
ISBN:
9789357751827 ((hardback))9789357751674 ((paperback))
Dewey class:
891.43371
LC class:
PK2098.39.I4555
Language:
Hindi
BRN:
469438
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