समय में फिसल गये बच्चे [electronic resource]
सिंह, अंकित आर2020
eBook
"आज यदि हमने भविष्य से आये बच्चों की बलि चढ़ा दी तब मैं इस दुनिया का सबसे महान राजा बन जाऊँगा।" राजा वीर्यभान अपने गुरू आचार्य मार्तंड से कहता है।"हाँ राजन, यदि तुम इस नक्षत्र में बलि ले लोगे तब तुम सिर्फ विदिशा के ही नही वरन पूरे भरतखंड के राजा बन जाओगे।" आचार्य मार्तंड राजा से कहता है।तभी एक प्रहरी राजा के आलीशान कमरे में आता है।"अनर्थ हो गया है, महाराज अनर्थ!" प्रहरी कहता है।"क्या हुआ, ठीक से बताओं।" मार्तंड कहता है।" वह बच्चे काराग्रह को तोड़कर भाग गये हैं। " वह प्रहरी कहता है।"गुरु महाराज क्या आप हमें, भारतीय विज्ञान के बारे में पड़ा सकते हैं, हम भारतीय ऋषियों की खोजी गयी सारी चीजों को सीखना चाहते हैं।" उर्चित ने गुरु महाराज से उनकी गुफा में जाकर कहा।"हाँ, ठीक है, पर यह बताओं की तुम्हे तुम्हारा पुराना गाँव कैसा लगा।" गुरुमहाराज ने कहा।"बहुत अच्छा।" उर्चित और नीता ने हाँ में सर हिलाया |" गुरुदेव, वहाँ से हमारे आने के बाद विदिशा का राजा कौन बना।" राहुल पूछता है।"तुम्हारे आने के बाद, देव को राजा बना दिया गया और मैं यहाँ अपनी गुफा में वापिस आ गया।" गुरुमहाराज ने कहा।
Main title:
Author:
Work:
Imprint:
[Place of publication not identified] : forth planet, 2020
Collation:
1 online resource (1 text file)
ISBN:
9798201966317
Language:
English
BRN:
420913