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Bahāra āne ko hai!

बहार आने को है!Rāja, Rājendraराज, राजेंद्र2024
Book
"प्रस्तुत उपन्यास में मानवीय रिश्तो का अनूठा बँधन, जो खून के रिश्ते से भी अधिक मजबूत है और जो उपन्यास से शुरू से लेकर अन्त तक कोमल रेशमी धागो से बंधा है | उपन्यासकार ने जीते जागते पत्रों को उठाकर इन्हे अमर कर दिया है | उपन्यासकार की भाषा बसंत की मनभावनी बयार के सामान ह्रदय को भाव विभोर कर देती है | कथा और शिल्प की दृष्टि से यह उपन्यास हिंदी साहित्य की एक उपलब्धि है |"--www.amazon.in.
Main title:
Bahāra āne ko hai! / lekhaka, Rājendra Kumāra Rāja.बहार आने को है! / लेखक, राजेंद्र कुमार राज.
Edition:
Prathama saṃskaraṇa.प्रथम संस्करण.
Imprint:
Jayapura : Sāhityāgāra, 2024.जयपुर : साहित्यागार, 2024.
Collation:
299 pages ; 23 cm
Notes:
In Hindi.
ISBN:
9789359474755 ((hardback))
Dewey class:
891.43371
LC class:
PK2098.34.J3336
Language:
Hindi
BRN:
493360
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