Globala gām̐va ke devatā
ग्लोबल गाँव के देवताRāṇendraराणेंद्र2024
Book
"ग्लोबल गाँव के देवता आदिवासी जनजीवन की ज्वलन्त गाथा है। असुर आदिवासी समुदाय को केन्द्र में रखकर लिखा गया यह उपन्यास उनकी लगातार बढ़ रही मुश्किलों का बयान करते हुए वर्तमान भारतीय समाज, संस्कृति, सियासत और सत्ता प्रतिष्ठान के सामने कई प्रासंगिक प्रश्न खड़े करता है। ये असुर आदिवासी ही हैं जिन्होंने आग और धातु की खोज की, धातु को गलाकर औजार बनाया। मानव सभ्यता और संस्कृति को आगे बढ़ाने में उनका योगदान किसी व्याख्या का मोहताज नहीं है लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ कि आज उन्हें अवरोध समझा जा रहा है? तमाम परिस्थितियों का सामना करते हुए हज़ारों सालों से जीवित रहते आए आदिवासी समुदायों के अस्तित्व पर आज संकट क्यों मंडरा रहा है? "--www.bookchor.com.
Main title:
Globala gām̐va ke devatā / Raṇendra = Global gaon ke devta : novel / by Ranendra.ग्लोबल गाँव के देवता / रणेंद्र = Global gaon ke devta : novel / by Ranendra.
Work:
Edition:
Pahalā Rājakamala saṃskaraṇa.पहला राजकमल संस्करण.
Imprint:
Naī Dillī : Rājakamala Prakāśana, 2024.नई दिल्ली : राजकमल प्रकाशन, 2024.
Collation:
150 pages ; 21 cm
Variant title:
Other title information from half title page: UpanyāsaOther title information from half title page: उपन्यास
Notes:
"Pahalā saṃskaraṇa Bhāratīya Jñānapīṭha se 2009 meṃ prakāśita"--Title page verso."पहला संस्करण भारतीय ज्ञानपीठ से 2009 में प्रकाशित"--Title page verso.Also available as an e-book.In Hindi.
ISBN:
9789360864392 ((hardback))
Dewey class:
891.43372
LC class:
PK2099.34.N463
Language:
Hindi
Subject:
BRN:
493362