Ī kī mātrā = Ee ki matra
ई की मात्रा = Ee ki matraAzīza, Farahaअज़ीज़, फ़रह2025
Book
"ई की मात्रा फ़रह अज़ीज़ की चुटीली कहानी है। कहानी में खेल है। खेल ई की मात्रा का। ई का मात्रा जहाँ चाहे वहाँ चली जाती है और उससे शब्द का मतलब ही बदल डालती है। मसलन, कोई हाथ में मेंहदी लगा रहा है और ई की मात्रा वहाँ जाकर लग जाती है। हाथ की जगह हाथी हो जाता है। और अब मेंहदी पूरे हाथी पर लगानी पड़ती है। ई की मात्रा को स्कूलों में आमतौर पर कितने नीरस ढंग से पढ़ाया जाता है। यह किताब एक इशारा भी है। कि कैसे भाषा के खेल को चलाया जाता है। यह कहानी इस खेल से कुछ ज़्यादा है। बीच बीच में इशारे हैं। इस किताब के चित्र भी कहानी के खेल में शामिल होते हैं। यानी इस किताब में दो खिलाड़ी हैं।"--www.amazon.in.
Main title:
Ī kī mātrā = Ee ki matra / Faraha Azīza ; citra, Rājīva Āipa.ई की मात्रा = Ee ki matra / फ़रह अज़ीज़ ; चित्र, राजीव आइप.
Author:
Work:
Edition:
Pahalā saṃskaraṇa.पहला संस्करण.
Imprint:
Naī Dillī : Juganū, Ikatārā Ṭrasṭa kī prakāśana chāpa, Janavarī 2025.नई दिल्ली : जुगनू, इकतारा ट्रस्ट की प्रकाशन छाप, जनवरी 2025.
Collation:
28 pages : colour illustrations ; 26 cm
Notes:
Children's poem.In Hindi.
Audience:
Reading grade level: Ages 6-9 years.
ISBN:
9788197063862 ((paperback))
Dewey class:
891.43172
LC class:
PZ90.H5
Language:
Hindi
Added title:
BRN:
496360