वह कुछ बता पाता उससे पहले ही ब्रह्मा जी वहाँ प्रकट हो गए और आते से ही उसपर भड़कते हुए बोले, "अंकित तुम नियमों का उल्लंघन कर रहे हो।" "मैंने किस नियम का उल्लंघन कर दिया है?" "जीवन टैव पर लिखने की अनुमति सिर्फ लेखक संघ के सदस्यों को है। तुम जानते हो, बकबास कहानियों की वजह से संपादक कितने परेशान रहते हैं।" "हाँ, मै जानता हूँ।" "तो फिर तुम इतने केयरलेस कैसे हो सकते हो?" "मैंने क्या किया?" "क्या तुम्हें पता है कि तुम्हारा जीवन टैब कहाँ है?" "हाँ, कमरें में।" "जरा उधर देखों।" अंकित ने ब्रह्माजी की बात सुनकर मेरी तरफ देखा, मेरे हाथ में टैब देखकर गुस्सा हुआ, "दादी, उसके छेड़ करने का मना किया था, फिर क्यों?" वह मेरी तरफ आया और मैं....