Bajaj, Vivek Kumar2021
बहुत सोचा तेरे खत का जवाब लिखूं,मगर लिखूं भी तो क्या लिखूं।चंद लफ्जों में बयान कैसे हो,सोचा हाल ए दिल पे एक किताब लिखूं॥जिक्र तेरा आए उससे पहले,तुमको गुल लिखूं या माहताब लिखूं॥मेरे हाथों में हो अगर किस्मत की किताब,तो इश्क से आगाज और इश्क पे अंजाम लिखूं॥ये किताब दिल के उन एहसासों को बयान करती है, ...